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सप्ताहांत से पहले ब्रिटिश पाउंड (GBP) ने अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले स्थिरता दिखाई और लगभग उसी स्तर पर सप्ताह का समापन किया। यह तब हुआ जब निवेशकों के बीच इस बात को लेकर संदेह बढ़ गया कि क्या फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा।
अमेरिका के श्रम बाजार (Labor Market) की मौजूदा स्थिति अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है, हालांकि जून के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे। इसके अलावा, अप्रैल और मई के रोजगार आंकड़ों में भी संशोधन किया गया, जिसके बाद यह सामने आया कि इन दोनों महीनों में पहले बताए गए आंकड़ों की तुलना में 74,000 कम नौकरियां सृजित हुई थीं। इस खबर के बाद ट्रेडर्स ने अपनी उम्मीदों में बदलाव किया और अब वे सितंबर की बजाय अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की अधिक संभावना देख रहे हैं।
फेड के नए चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) ने भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया, लेकिन उन्होंने दोहराया कि महंगाई पर नियंत्रण फेड की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। आने वाले सप्ताह में बाजार की नजर FOMC बैठक की कार्यवाही (Minutes) पर रहेगी, जो 14 जुलाई को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों से पहले महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।
FOMC मिनट्स के अलावा, ISM सर्विसेज़ PMI और साप्ताहिक प्रारंभिक बेरोज़गारी दावों (Initial Jobless Claims) के आंकड़े भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अनुमान है कि 4 जुलाई को समाप्त सप्ताह के लिए शुरुआती बेरोज़गारी दावों की संख्या 2.15 लाख से बढ़कर 2.19 लाख हो सकती है।
ब्रिटेन (UK) में राजनीतिक अनिश्चितता ने पाउंड पर दबाव बनाए रखा है। फिलहाल पाउंड जून के मध्य के स्तरों पर कारोबार कर रहा है और 1.3400 पर स्थित महत्वपूर्ण 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (200-day SMA) से नीचे बना हुआ है।
हालांकि एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) ने मौजूदा बजट नियमों का पालन जारी रखने की पुष्टि की है, फिर भी निवेशक सतर्क हैं। वहीं, The Independent की एक रिपोर्ट के अनुसार, वह युवाओं को अपना पहला घर खरीदने में मदद देने के लिए कर प्रोत्साहन (Tax Incentives) देने पर विचार कर रहे हैं।
अन्य आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो S&P Global द्वारा जारी यूके सर्विसेज़ PMI जून में 49.3 से घटकर 48.8 पर आ गया। इसका मुख्य कारण नए ऑर्डरों में कमी रही, जो लगातार चौथे महीने भी घटे हैं। रिपोर्ट में लगातार बढ़ती लागत (Cost Pressures) और उपभोक्ता मांग में कमजोरी का भी उल्लेख किया गया है।
आने वाले सप्ताह में बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) के अधिकारियों के भाषण और वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Financial Stability Report) भी जारी होगी, जिनका बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड—दोनों के संभावित ब्याज दर फैसले अभी भी बाजार के प्रमुख फोकस में हैं। Prime Terminal के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना फिलहाल 46% आंकी जा रही है।
तकनीकी दृष्टि से GBP/USD मुद्रा जोड़ी अभी भी प्रमुख सरल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे कारोबार कर रही है। इनमें से एक महत्वपूर्ण स्तर 1.2400 के आसपास है, जबकि अगला प्रमुख SMA लगभग 1.3409 पर स्थित है, जो फिलहाल अल्पकालिक तेजी को सीमित कर रहा है। इसलिए हाल की बढ़त को अभी मजबूत अपट्रेंड की शुरुआत के बजाय एक सुधारात्मक उछाल (Corrective Rebound) माना जा रहा है।
14-पीरियड रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 52 पर है, जो बाजार की गति में हल्के सुधार का संकेत देता है। हालांकि यह सुधार इतना मजबूत नहीं है कि ऊपर बताए गए प्रमुख रेजिस्टेंस स्तरों को पार कर सके।
नीचे की ओर 20-दिवसीय SMA पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट प्रदान कर रहा है, जबकि जून का निचला स्तर (लगभग 1.3150) एक प्रमुख समर्थन क्षेत्र बना हुआ है। यदि कीमत इस स्तर के नीचे मजबूती से टूटती है, तो मौजूदा हल्की सकारात्मक गति के बावजूद GBP/USD में और गहरी गिरावट (Pullback) देखने को मिल सकती है।