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यूरो (EUR) नए सप्ताह की शुरुआत बेहतर भविष्य की उम्मीदों के साथ कर रहा है। हालांकि, बाजार में गिरावट वाला ट्रेंड (Downward Trend) अभी भी जारी है और निवेशक यूरो के पक्ष में मौजूद कई सकारात्मक कारकों को नजरअंदाज कर रहे हैं। निस्संदेह, इन कारकों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की जा सकती है, लेकिन मेरा मानना है कि अमेरिकी डॉलर (USD) की मांग बिना किसी ठोस कारण के बढ़ रही है। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) पहले ही मौद्रिक नीति को सख्त (Monetary Tightening) करने का पहला चरण पूरा कर चुका है और मध्य पूर्व (Middle East) का भू-राजनीतिक तनाव भी धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।
फिलहाल, यूरो पर दबाव डालने वाला सबसे बड़ा कारण ECB का आगे की मौद्रिक सख्ती को लेकर नरम रुख हो सकता है। पिछले सप्ताह यह जानकारी सामने आई कि यूरोजोन (Eurozone) में महंगाई (Inflation) घटकर 2.8% रह गई है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की वास्तव में जरूरत है। हाल के सप्ताहों में, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में कमी और ECB द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद यूरो की मांग कमजोर बनी रही। यदि ECB आधिकारिक तौर पर आगे ब्याज दरें बढ़ाने की नीति से पीछे हटता है, तो इससे यूरो की आकर्षण क्षमता (Appeal) और कमजोर हो सकती है।
दूसरी ओर, बाजार पहले ही डॉलर खरीदने के लगभग सभी प्रमुख कारणों को अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है। अब केवल वेव विश्लेषण (Wave Analysis) ऐसा कारक बचा है, जो एक और गिरावट वाली लहर बनने का संकेत देता है।
अगले सप्ताह यूरोपीय संघ (European Union) में कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाएं होंगी। सोमवार को रिटेल सेल्स (Retail Sales) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (Producer Price Index - PPI) के आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड (Christine Lagarde) का भाषण भी होगा।
पिछले सप्ताह उन्होंने तीन बार सार्वजनिक रूप से संबोधित किया था और उनमें से एक भाषण के दौरान बाजार ने उनके सख्त (Hawkish) रुख में नरमी महसूस की। यदि ECB प्रमुख का रुख आगे भी नरम बना रहता है, तो इससे यूरो पर और अधिक दबाव पड़ सकता है।
मंगलवार को जर्मनी (Germany) के औद्योगिक उत्पादन (Industrial Production) के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जबकि शुक्रवार को जून महीने की अंतिम महंगाई (Inflation) रिपोर्ट प्रकाशित होगी। इसके अलावा, अमेरिका (U.S.) में भी बहुत कम महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाएं निर्धारित हैं। इसलिए, अगले सप्ताह बाजार में गतिविधि अपेक्षाकृत शांत रह सकती है।
EUR/USD के वेव विश्लेषण के आधार पर मेरा निष्कर्ष है कि यह मुद्रा जोड़ी अभी भी दीर्घकालिक तेजी (Upward Trend) के चरण में बनी हुई है, जबकि अल्पकालिक दृष्टिकोण से यह फिलहाल गिरावट (Downward Trend) के चरण में कारोबार कर रही है।
मेरे अनुसार, यह लॉन्ग पोजीशन (Buy) बनाने पर विचार करने का उपयुक्त समय हो सकता है। हालांकि, वेव C की पांचवीं लहर (Wave 5 in C) के दौरान कीमत 1.13 के स्तर तक भी गिर सकती है। फिर भी, वेव विश्लेषण (Wave Analysis) अक्सर अप्रत्याशित बदलाव दिखाता है, इसलिए मैं अभी से खरीदारी की रणनीति की ओर धीरे-धीरे झुकाव रखना उचित समझता हूं।
GBP/USD की वेव संरचना अब काफी जटिल हो गई है। फिलहाल इस जोड़ी ने तीन गिरावट वाली तरंगें (Three Downward Waves) पूरी कर ली हैं, जबकि EUR/USD में अभी भी पांच तरंगों (Five Waves) की संभावना बनी हुई है।
इसका अर्थ है कि ब्रिटिश पाउंड (GBP) भी यूरो की तरह एक और गिरावट वाली लहर बना सकता है, लेकिन यह नई तेजी की ट्रेंड (Upward Trend) की दूसरी लहर भी हो सकती है। इसलिए यूरो और पाउंड की वेव संरचनाओं में कुछ अंतर (Divergence) देखने को मिलेगा, लेकिन यह अंतर बहुत बड़ा नहीं होगा।
इसी आधार पर, मैं निकट अवधि में GBP/USD में एक गिरावट वाली सुधारात्मक चाल (Downward Pullback) की उम्मीद करता हूं। इसके बाद कीमत में फिर से नई तेजी (Uptrend) शुरू हो सकती है, जिसके शुरुआती लक्ष्य 1.37–1.38 के आसपास हो सकते हैं।