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GBP/USD मुद्रा जोड़ी में सोमवार को पिछले तीन सप्ताह की लगातार तेजी के बाद नीचे की ओर तकनीकी सुधार (Technical Correction) जारी रहा। पाउंड के गिरने या डॉलर के मजबूत होने का कोई स्थानीय (Local) मौलिक कारण नहीं था, इसलिए यह चाल पूरी तरह तकनीकी (Technical) रही।
ध्यान रहे कि डेली (Daily) और वीकली (Weekly) चार्ट पर अभी भी साइडवेज़ (Flat) पैटर्न बना हुआ है। इसलिए कीमत ने साइडवेज़ चैनल की निचली सीमा से ऊपरी सीमा की ओर बढ़ना शुरू किया था। ऐसे में, मौजूदा सुधार (Correction) पूरा होने के बाद फिर से तेजी (Uptrend) शुरू हो सकती है। फिलहाल कीमत 1.3369–1.3377 के क्षेत्र की ओर बढ़ना जारी रख सकती है।
सोमवार को अमेरिका और ब्रिटेन, दोनों में कोई महत्वपूर्ण मैक्रोइकॉनॉमिक या मौलिक (Fundamental) घटनाक्रम नहीं था। भू-राजनीतिक घटनाएं अमेरिकी डॉलर को कुछ समर्थन दे सकती थीं, लेकिन अब डॉलर पहले जैसा लाभ उठाने की स्थिति में नहीं है। फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट कारण दिखाई नहीं देता जो मध्यम अवधि में डॉलर को मजबूत बना सके। अधिकतम एक तकनीकी सुधार (Correction) संभव है। इसके बाद बाजार की दिशा मध्य पूर्व की स्थिति, तेल की कीमतों, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर निर्भर करेगी।
तकनीकी दृष्टिकोण से, ब्रिटिश पाउंड अभी भी तेजी (Uptrend) में बना हुआ है। हालांकि, कीमत 1.3465–1.3480 के क्षेत्र और Kijun-sen लाइन के नीचे आ गई है, जिससे खरीदारों (Bulls) की स्थिति कुछ कमजोर हुई है। अब पाउंड 1.3369–1.3377 के क्षेत्र और Senkou Span B लाइन की ओर गिरावट जारी रख सकता है।
यदि कीमत दोबारा 1.3465–1.3480 के क्षेत्र के ऊपर मजबूती से टिक जाती है, तो पिछले कुछ सप्ताहों से जारी तेजी का रुझान फिर शुरू हो सकता है।
5-मिनट (5M) के चार्ट पर सोमवार को एक सेल (Sell) सिग्नल बना। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान कीमत 1.3465–1.3480 के क्षेत्र से नीचे लौटी और उसके बाद Kijun-sen (Critical Line) के नीचे भी चली गई। इसके बाद कीमत लगभग 20 पिप्स नीचे आई।
आज भी ब्रिटिश पाउंड में गिरावट जारी रह सकती है। फिलहाल सेल सिग्नल पहले से मौजूद है, या फिर नया सेल सिग्नल भी बन सकता है।
ब्रिटिश पाउंड से संबंधित COT रिपोर्ट बताती है कि पिछले कई महीनों से गैर-व्यावसायिक ट्रेडरों (Non-commercial Traders) के बीच सेल (Sell) पोज़िशन का दबदबा बना हुआ है। नेट पोज़िशन अभी भी नकारात्मक (Negative) है, हालांकि दीर्घकालिक तेजी का रुझान (Long-term Uptrend) अभी भी बरकरार है।
मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जोखिम वाली मुद्राओं (Risk Currencies) की मांग कमजोर बने रहना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त हो चुका है, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है। निकट अवधि में भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर की मांग को कुछ समर्थन दे सकता है। हालांकि, जब तक कीमत ट्रेंड लाइन के नीचे मजबूती से बंद (Consolidate) नहीं होती, तब तक इस मुद्रा जोड़ी में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं की जा रही है।
दीर्घकाल में, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना रह सकता है, जो साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। व्यापार युद्ध (Trade War) किसी न किसी रूप में लंबे समय तक जारी रह सकता है और ट्रंप की नीतियां प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की दिशा में प्रभाव डाल सकती हैं।
लंबी अवधि का अपट्रेंड (Uptrend) अभी भी कायम है, जिसकी पुष्टि ट्रेंड लाइन से होती है। हाल ही में कीमत ने इस ट्रेंड लाइन का परीक्षण (Test) किया और वहां से फिर ऊपर की ओर उछाल (Bounce) लिया।
14 जुलाई की नवीनतम COT रिपोर्ट के अनुसार, "Non-commercial" श्रेणी के ट्रेडरों ने 6,500 नए BUY कॉन्ट्रैक्ट खोले और 10,100 SELL कॉन्ट्रैक्ट बंद किए। परिणामस्वरूप, सप्ताह के दौरान उनकी नेट पोज़िशन में 16,600 कॉन्ट्रैक्ट्स की वृद्धि हुई। हालांकि, यह बदलाव पेशेवर ट्रेडरों की समग्र बाजार धारणा (Overall Market Sentiment) में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दर्शाता।
1-घंटे (1H) के चार्ट पर GBP/USD मुद्रा जोड़ी पिछले तीन सप्ताह की तेजी के बाद अभी भी तकनीकी सुधार (Technical Correction) के दौर से गुजर रही है। बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक घटनाओं को काफी हद तक नजरअंदाज कर रहा है। हाल के सप्ताहों में जो तेजी देखने को मिली, वह मुख्य रूप से अमेरिका की कमजोर महंगाई (Inflation) के आंकड़ों के कारण तकनीकी आधार पर थी।
यदि ब्रिटिश पाउंड आगे भी मजबूत होता है, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी, क्योंकि डेली (Daily) चार्ट पर यह अभी भी साइडवेज़ चैनल (Sideways Channel) की ऊपरी सीमा की ओर बढ़ रहा है, जो 1.3720–1.3800 के दायरे में स्थित है।
इसके अलावा:
ये दोनों Ichimoku इंडिकेटर की महत्वपूर्ण रेखाएं हैं और संभावित ट्रेडिंग सिग्नल का स्रोत बन सकती हैं।
यदि कीमत आपकी अनुमानित दिशा में 20 पिप्स बढ़ जाती है, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Break Even) पर ले जाना उचित रहेगा। इससे गलत सिग्नल की स्थिति में संभावित नुकसान कम किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की रेखाएं दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
मंगलवार को ब्रिटेन से निम्नलिखित आंकड़े जारी होने वाले हैं:
वहीं अमेरिका में ADP रोजगार रिपोर्ट जारी होगी, जिसे अपेक्षाकृत द्वितीयक (Secondary) महत्व का माना जा रहा है।
ब्रिटेन के श्रम बाजार से जुड़े आंकड़े बाजार में कुछ प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकते हैं, लेकिन इसके बहुत मजबूत होने की संभावना कम है। फिलहाल बाजार का मुख्य ध्यान महंगाई, रोजगार बाजार और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर केंद्रित है।